प्यार से प्यारी मुस्कान से तेरी
खिल उठ्ता है ये सारा जहाँ
बहुत से लोग हैं इस दुनिया मे
जिनको है बस यहि गुमान
अल्लाह ने बख्शी है रेह्मत ह्म पर
मिली है ह्मको एक नन्ही सी खुशी
मन्नते बस रह गई हैं इतनी
छिने ना हमसे ये खुशी कभी
चाहे जितनी पतझड आयें
इसे कभी ना मुरझा पाये
हर बसंत सावन की बूँदें
प्रेम मल्हार सुना जाएं
चिरिया जैसी बोली तेरी
मेरा दिल चहका जाए…
:-)

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