Sunday, 22 July 2012

घरोंदा--


SONG-


तुम्हे हो ना हो, मुझको तो इतना यकीन है
मुझे प्यार तुमसे, नही है, नही है
मुझे प्यार तुमसे, नही है, नही है
तुम्हे हो ना हो, मुझको तो इतना यकीन है

मुझे प्यार तुम से नही है, नही है
मगर मैने ये राज़ अब तक ना जाना
कि क्यूँ प्यारी लगती हैं बातें तुम्हारी
मैं क्यों तुमसे मिलने का ढूँढूँ बहाना
कभी मैने चाहा तुम्हे छू के देखूँ
कभी मैने चाहा तुम्हे पास लाना
मगर फ़िर भी,
मगर फ़िर भी इस बात का तो यकीन है
मुझे प्यार तुम से नही है, नही है
मुझे प्यार तुम से नही है, नही है
तुम्हे हो ना हो मुझको तो इतना यकीन है

फ़िर भी जो तुम दूर रह्ते हो मुझसे
तो रहतें हैं दिल पे उदासी के साये
कोई ख्वाब ऊँचे मकानों से झाँके
कोई ख्वाब बैठा रहे सर झुकाये
कभी दिल की राहों मे फ़ैले अन्धेरा
कभी दूर तक रोशनी मुस्कराए
मगर फ़िर भी,
मगर फ़िर भी, इस बात का तो यकीन है
मुझे प्यार तुम से नही है, नही है
मुझे प्यार तुम से नही है, नही है
तुम्हे हो ना हो मुझको तो इतना यकीन है…
:-)

No comments:

Post a Comment